गिलोय एक गुण अनेक | Myrichbeauty.com - Beauty Tips In Hindi

गिलोय पेड़ से मिलता है इसकी पत्तियां पान के पत्ते के समान होती है गिलोय में काफी गुण होते हैं यह हमारे स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने में मदद करता है गिलोय के पत्तों में कैल्शियम प्रोटीन फास्फोरस पाया जाता है और इसके तने में स्टार्ट होता है यह शरीर से कई बीमारियों को दूर करने में मदद करती है कफ और पित्त को शरीर से जड़ से नष्ट कर देती है यह हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी भर आती है गिलोय में एंटीबायोटिक एंटी वायरस गुण पाए जाते हैं जो हमें हर प्रकार के वायरस और बैक्टीरिया इन्फेक्शन से बचा कर रखते हैं

गिलोय सेस्वाइन फ्लू के उपचार का नुस्खा :-

स्वाइन फ्लू इन्फ्लूएंजा नाम के वायरस से फैलता है यह वायरस सूअरों में पाया जाता है स्वाइन फ्लू में बीमार व्यक्ति को खांसी थकान नजला उल्टी दस्त बुखार शरीर में दर्द जैसी शिकायत होती है आयुर्वेद के द्वारा इसका इलाज किया जा सकता है गिलोय के डंठल में तुलसी की कुछ पत्तियों को मिलाकर अच्छे से उबालें फिर इसका सेवन दिन में दो बार करें ऐसा करने से स्वाइन फ्लू से छुटकारा पाने में आसानी होगी और शरीर में ताकत लाएगी

गिलोय से डेंगू बुखार के उपचार का नुस्खा:-

डेंगू होने पर शरीर में तेज बुखार होता है और मांसपेशियों में और शरीर के जोड़ों में दर्द होता है इसके अलावा सर में दर्द आंखों के पीछे दर्द जी का मिचलाना त्वचा पर लाल रंग के दानों का होना डेंगू बुखार के लक्षण हैं डेंगू बीमारी में मरीज के खून में प्लेटलेट्स कम होने लगते हैं और नाक कान मुंह या अन्य अंगों से खून बहने लगता है और रक्तचाप काफी कम होने लगता है इसका यदि समय पर इलाज ना किया जाए तो रोगी कोमा में चला जा सकता है यदि व्यक्ति का बुखार एक-दो दिन में ठीक ना हो तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श ले कर डेंगू बुखार की जांच कराएं गिलोय के द्वारा डेंगू बुखार से छुटकारा पाया जा सकता है इसके लिए 25 ग्राम ताजी गिलोय का तना लेकर उसे अच्छे से पीस लें फिर उसमें चार से पांच तुलसी के पत्ते डालें और दो से तीन काली मिर्च का पाउडर लेकर एक 5 लीटर पानी में अच्छी तरह से उबालें इसे बराबर बाबा मात्रा में यह काला डे स्वाइन फ्लू और टाइफाइड से बचाने में भी सहायक होता है

गिलोय से टाइफाइड के उपचार का नुस्खा :-

टाइफाइड के लक्षण 4 से 5 दिन में दिखाई देने लगते हैं और किसी-किसी केस में 2 हफ्ते भी लग जाते हैं इसके बारे में पता चलने में टाइफाइड में मरीज को गले में खराश होने की समस्या होती है और काफी तेज बुखार के बाद कमजोरी का एहसास होता है पेट में दर्द होता है और उसकी भूख कम हो जाती है ऐसे में गिलोय के द्वारा उसका उपचार किया जा सकता है5 ग्राम गिलोय का रस 20 ग्राम तुलसी के पत्ते 10 ग्राम सोंठ 10 छोटी पीपल के टुकड़े इन सबको मिलाकर अच्छी तरह से पीस लें फिर इसको एक गिलास पानी में अच्छी तरह से उबाल कर काढ़ा तैयार करें ठंडा करके इसे पी लेने के आधे घंटे पहले आधे घंटे बाद कुछ भी खाए पिए नहीं यह आयुर्वेदिक उपचार आपको टाइफाइड  के साथ साथ डेंगू मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से छुटकारा दिलाएगा

गिलोय के अन्य फायदे :-

  • गिलोय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और शरीर में खून की कमी को दूर करता है। इसके लिए प्रतिदिन सुबह-शाम गिलोय का रस घी या शहद मिलाकर सेवन करने से शरीर में खून की कमी दूर होती है।
  • गिलोय का सेवन पीलिया रोग में भी बहुत फायदेमंद होता है। इसके लिए गिलोय का एक चम्मच चूर्ण, काली मिर्च अथवा त्रिफला का एक चम्मच चूर्ण शहद में मिलाकर चाटने से पीलिया रोग में लाभ होता है। या गिलोय के पत्तों को पीसकर उसका रस निकाल लें। एक चम्‍मच रस को एक गिलास मट्ठे में मिलाकर सुबह-सुबह पीने से पीलिया ठीक हो जाता है।
  • अगर आपके पैरों में जलन होती है और बहुत उपाय करने के बाद भी आपको कोई फायदा नहीं हो रहा है तो आप गिलोय का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए गिलोय के रस को नीम के पत्ते एवं आंवला के साथ मिलाकर काढ़ा बना लें। प्रतिदिन 2 से 3 बार इस काढ़े का सेवन करें इससे हाथ पैरों और शरीर की जलन दूर हो जाती है।
  • गिलोय के पत्तों के रस को गुनगुना करके कान में डालने से कान का दर्द ठीक होता है। साथ ही गिलोय को पानी में घिसकर और गुनगुना करके दोनों कानों में दिन में 2 बार डालने से कान का मैल निकल जाता है।
  • गिलोय के पत्तों के रस को गुनगुना करके कान में डालने से कान का दर्द ठीक होता है। साथ ही गिलोय को पानी में घिसकर और गुनगुना करके दोनों कानों में दिन में 2 बार डालने से कान का मैल निकल जाता है।
  • गर्मियों में कई लोगों को उल्‍टी की समस्‍या होती हैं। ऐसे लोगों के लिए भी गिलोय बहुत फायदेमंद होता है। इसके लिए गिलोय के रस में मिश्री या शहद मिलाकर दिन में दो बार पीने से गर्मी के कारण से आ रही उल्टी रूक जाती है।
  • गिलोय के रस या गिलोय के रस में शहद मिलाकर सेवन करने से पेट से संबंधित सभी रोग ठीक हो जाते है। इसके साथ ही आप गिलोय और शतावरी को साथ पीस कर एक गिलास पानी में मिलाकर पकाएं। जब उबाल कर काढ़ा आधा रह जाये तो इस काढ़े को सुबह-शाम पीयें।
  • गिलोय का रस आंवले के रस के साथ मिलाकर लेना आंखों के रोगों के लिए लाभकारी होता है। इसके सेवन से आंखों के रोगों तो दूर होते ही है, साथ ही आंखों की रोशनी भी बढ़ती हैं। इसके लिए गिलोय के रस में त्रिफला को मिलाकर काढ़ा बना लें। इस काढ़े में पीपल का चूर्ण और शहद मिलकर सुबह-शाम सेवन करें।
Show Buttons
Hide Buttons